ऋषिकेश: 18 अप्रैल से शुरू हो रही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। यात्रा के मुख्य पड़ाव ऋषिकेश में आईजी लॉ एंड ऑर्डर सुनील कुमार मीणा ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है।
ट्रैफिक मैनेजमेंट पर रहेगा मुख्य फोकस
ऋषिकेश के चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में आयोजित इस बैठक में आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
- अधिकारियों की मौजूदगी: बैठक में जनपद टिहरी की एसएसपी श्वेता चौबे, एसपी देहात जया बलूनी समेत तीनों जिलों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
- रणनीति: आईजी ने बताया कि ट्रैफिक जाम से यात्रियों को बचाने के लिए पुलिस ने ‘प्लान ए, बी और सी’ तैयार किया है। परिस्थितियों के अनुसार इन योजनाओं को धरातल पर लागू किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को जाम में न जूझना पड़े।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण
बैठक के बाद आईजी सुनील कुमार मीणा ने ट्रांजिट कैंप परिसर और शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया।
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- दुरुस्ती के निर्देश: निरीक्षण के दौरान जो कैमरे खराब पाए गए, उन्हें तत्काल ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।
- सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण: आईजी ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।
”हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। ट्रैफिक जाम में फंसकर यात्रियों का पसीना न छूटे, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।”
— सुनील कुमार मीणा, आईजी लॉ एंड ऑर्डर
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में सीओ ऋषिकेश नीरज सेमवाल, कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट, सीओ नरेंद्र नगर सुरेंद्र सिंह भंडारी, मुनिकीरेती इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान और लक्ष्मण झूला के वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रकाश पोखरियाल सहित कई अधिकारी शामिल हुए।

