ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। हरियाणा से घूमने आए दो पर्यटक गंगा नदी में नहाते समय तेज धारा की चपेट में आकर डूबने लगे। इस दौरान वहां मौजूद एक रिवर गाइड ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें जीवनदान दिया।
तेज धारा में खोया संतुलन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय हरियाणा से आए पर्यटकों का एक समूह गंगा तट पर पहुंचा था। ग्रुप के दो युवक गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में नहाने उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआत में युवक किनारे पर ही थे, लेकिन अचानक वे गहरे पानी की ओर चले गए जहाँ धारा बेहद तेज थी। देखते ही देखते दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे बहने लगे।
किनारे पर मची अफरा-तफरी
युवकों को डूबता देख किनारे पर खड़े अन्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन नदी का वेग इतना अधिक था कि कोई भी पानी में उतरने का साहस नहीं जुटा पा रहा था।
देवदूत बनकर आए गाइड राजेंद्र रावत
इसी दौरान वहां से अपनी राफ्ट लेकर गुजर रहे अनुभवी रिवर गाइड राजेंद्र रावत की नजर डूबते युवकों पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए अदम्य साहस का परिचय दिया। राजेंद्र ने पहले एक युवक को सुरक्षित पकड़ा और फिर तुरंत दूसरे युवक तक पहुँचकर उसे भी अपनी राफ्ट के सहारे किनारे तक ले आए। उनके अनुभव और त्वरित निर्णय की वजह से चंद मिनटों के भीतर दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया।
प्रशासन की अपील
घटना के बाद सुरक्षित निकाले गए युवक काफी सहमे हुए थे। उन्होंने गाइड राजेंद्र रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें नया जीवन मिला है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और रिवर पुलिस ने पर्यटकों से फिर अपील की है कि:
- गंगा के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहाने से बचें।
- नदी में उतरते समय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें।
- केवल चिन्हित सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करें।
स्थानीय लोगों ने राजेंद्र रावत के इस साहसी कार्य की जमकर प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि यदि राजेंद्र ने त्वरित कार्रवाई न की होती, तो आज एक बड़ा हादसा घटित हो सकता था।

