देहरादून में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहराने लगा है। सिलिंडर उपलब्ध न होने की स्थिति में कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब इंडक्शन चूल्हों के सहारे काम चलाने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ संचालकों ने इंडक्शन चूल्हे मंगवा लिए हैं, जबकि कई अन्य ने जल्द ही उन्हें लगाने की योजना बना ली है, ताकि गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप होने की स्थिति में भी रसोई का संचालन जारी रखा जा सके।
बताया जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब देहरादून में रसोई गैस की आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। इसी वजह से फिलहाल प्रशासन ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। इसका असर सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू गैस की आपूर्ति भी इससे प्रभावित हो रही है। ऐसे हालात में होटल-रेस्टोरेंट संचालक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं।
दून होटल ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि इस समय व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और जो थोड़ा बहुत स्टॉक मौजूद है, वह भी तेजी से कम होता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो होटल और रेस्टोरेंट संचालन में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। ऐसे में मजबूरी में इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
वहीं, एसोसिएशन के महासचिव विजय टंडन का कहना है कि फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट में मौजूद गैस स्टॉक के सहारे काम चल रहा है, इसलिए स्थिति अभी सामान्य दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि यदि व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति जल्द शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में होटल कारोबारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए, ताकि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित न हो।

