मुंबई: भारतीय संगीत की दुनिया का एक स्वर्णिम अध्याय आज समाप्त हो गया। अपनी जादुई और सुरीली आवाज से पिछले सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली महान गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
अस्पताल में चल रहा था उपचार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद आशा ताई को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें अस्पताल की ‘इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट’ (EMSU) में रखा गया था, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही थी। देशभर में उनके प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए दुआएं मांग रहे थे, लेकिन रविवार को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
बेटे आनंद भोसले ने की पुष्टि
अमर उजाला से विशेष बातचीत में आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। इस खबर के सामने आते ही संगीत जगत, बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
सात दशकों का सुनहरा सफर
आशा भोसले का करियर करीब 70 साल लंबा रहा, जिसमें उन्होंने:
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हजारों गाने: हिंदी के अलावा 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में अपनी आवाज दी।
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वर्सेटैलिटी: शास्त्रीय संगीत से लेकर गजल, पॉप और कैबरे गानों तक, उन्होंने हर विधा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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विश्व रिकॉर्ड: उनका नाम दुनिया में सबसे ज्यादा स्टूडियो रिकॉर्डिंग करने वाली गायिका के रूप में ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज है।
कला जगत को अपूरणीय क्षति
आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक पहचान थीं। उनकी आवाज ने पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों का मनोरंजन किया और उन्हें प्रेरित किया। उनके निधन को संगीत और सिनेमाई दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर राजनेताओं से लेकर फिल्मी सितारों तक, हर कोई इस ‘सुर कोकिला’ को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।

