ऋषिकेश। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। नदी तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और जल पुलिस की टीमों को गंगा घाटों पर तैनात कर दिया गया है।
आज एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल ने संयुक्त रूप से एक व्यापक जन जागरूकता और सुरक्षा अभियान चलाया। यह अभियान ऋषिकेश सहित मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सभी प्रमुख गंगा घाटों पर चलाया गया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने लाउडहेलर (लाउडस्पीकर) के माध्यम से घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा के बढ़ते जलस्तर की जानकारी दी और उनसे तुरंत घाट खाली करने की अपील की।

प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। जलस्तर बढ़ने से घाटों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सभी को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के सख्त निर्देश दिए हैं। बढ़ते खतरे के मद्देनजर किसी भी व्यक्ति को गंगा के नजदीक न जाने की हिदायत दी गई है।
एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से उनकी और जल पुलिस की टीमें सभी घाटों पर लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति पानी के करीब न जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रशासन ने आम जनता, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही, किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपात स्थिति का सामना होने पर तुरंत संबंधित कंट्रोल रूम या आपदा राहत दल को सूचित करने को कहा गया है।

