
देहरादून: आने वाले मानसून और आपदा की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने शुक्रवार को जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ मुख्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा राहत में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जांच की और जवानों को नई तकनीकों में दक्ष रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएसएसआर (कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू) टीम ने भूकंप और इमारत गिरने जैसी घटनाओं में लोगों को बचाने का अभ्यास दिखाया। टीम ने आधुनिक कटिंग टूल्स, ब्रेकिंग मशीन और सर्च कैमरों का उपयोग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
आईजी कुकरेती ने टीम के बेहतर तालमेल और तेज प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के प्रशिक्षण को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा, संचार शाखा, स्टोर विभाग और डॉग स्क्वॉड का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपकरणों का नियमित रखरखाव किया जाए और जवानों को वास्तविक परिस्थितियों जैसे अभ्यास कराए जाएं, ताकि आपदा के समय तुरंत और सही कार्रवाई हो सके। सम्मेलन के दौरान जवानों की समस्याएं सुनी गईं और उनका मनोबल बढ़ाया गया। आईजी ने अनुशासन बनाए रखने और पूरी लगन से सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर आईजी निवेदिता कुकरेती ने आपदा प्रबंधन पर आधारित एक विशेष कॉमिक बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं तक आपदा से बचाव की जानकारी सरल भाषा में पहुंचाने के लिए यह एक अच्छा प्रयास है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित समाज बनाने के लिए जन-जागरूकता सबसे जरूरी है। इस कार्यक्रम में सेनानायक अर्पण यदुवंशी, सहायक सेनानायक सुशील रावत और क्वार्टर मास्टर राजीव रावत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

