ऋषिकेश: चारधाम यात्रा की तैयारियों को परखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। आपदा प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण अभ्यास किया गया।
आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ऋषिकेश प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय परिसर में एक वृहद ‘मॉक ड्रिल’ (कृत्रिम अभ्यास) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना या आपदा की स्थिति में विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय और उनके ‘रिस्पांस टाइम’ (प्रतिक्रिया समय) की सटीकता को जांचना था।
आपातकालीन परिदृश्य: आग और भगदड़
एसडीएम ऋषिकेश, योगेश मेहरा ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए ट्रांजिट कैंप में आग लगने और उसके परिणामस्वरूप यात्रियों में मची भगदड़ जैसी आपातकालीन स्थिति का एक काल्पनिक परिदृश्य (Scenario) तैयार किया गया था। जैसे ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से सूचना प्रसारित हुई, पूरा प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया।
इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम हुआ एक्टिवेट
सूचना मिलते ही प्रशासन ने इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के तहत तीन प्रमुख विंग्स को तत्काल सक्रिय कर दिया:
- प्लानिंग सेक्शन: रणनीति बनाने के लिए।
- लॉजिस्टिक्स सेक्शन: आवश्यक संसाधन और उपकरण जुटाने के लिए।
- ऑपरेशन सेक्शन: मौके पर राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए।
रेस्क्यू ऑपरेशन: बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित निकाला
अभ्यास के दौरान देखा गया कि परिसर के भीतर लगभग 70 से 80 श्रद्धालु फंसे हुए थे, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। राहत टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। मॉक ड्रिल के अंत में, दो ‘गंभीर रूप से घायल’ व्यक्तियों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए सरकारी अस्पताल पहुँचाया गया, ताकि चिकित्सा सेवाओं की तत्परता को भी परखा जा सके।
प्रशासन का संतोषजनक परिणाम
एसडीएम योगेश मेहरा ने अभ्यास की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:
”सुरक्षा की दृष्टि से हमारा समन्वय और रिस्पांस टाइम बिल्कुल सटीक रहा। चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के अभ्यास भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि किसी भी वास्तविक चुनौती का सामना पूरी कुशलता से किया जा सके।”
इस मॉक ड्रिल में पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

