मुनिकीरेती (ऋषिकेश): तीर्थनगरी ऋषिकेश के निकट मुनिकीरेती स्थित प्रसिद्ध ‘नीम बीच’ तपोवन में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा स्नान के दौरान दिल्ली से आए एक पर्यटक का पैर फिसलने से वह गहरे पानी में डूबने लगा, लेकिन मौके पर तैनात आपदा राहत दल के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए युवक की जान बचा ली।
स्नान के दौरान हुआ हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली से पांच दोस्तों का एक समूह घूमने के लिए ऋषिकेश आया था। वे सभी मुनिकीरेती के नीम बीच पर गंगा स्नान का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान समूह में शामिल अनंत मिश्रा (निवासी नजफगढ़, नई दिल्ली) का पैर अचानक फिसल गया और वह गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी की ओर खिंचा चला गया। देखते ही देखते युवक डूबने लगा, जिससे वहां मौजूद पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई।
जवानों ने पानी में लगाई छलांग
युवक को डूबता देख घाट पर तैनात आपदा राहत दल के जवान तुरंत हरकत में आए। बिना एक पल गंवाए जवानों ने गंगा की तेज लहरों के बीच छलांग लगा दी। जवानों ने कड़ी मशक्कत और साहस का परिचय देते हुए डूब रहे अनंत मिश्रा को सकुशल रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया।
‘देवदूत’ बने राहत दल के जवान
युवक के सुरक्षित बाहर निकलते ही उसके साथियों और घाट पर मौजूद अन्य पर्यटकों ने राहत की सांस ली। अनंत के मित्रों और परिजनों ने आपदा राहत दल के जवानों की कार्यकुशलता और साहस की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने रेस्क्यू टीम को धन्यवाद देते हुए उन्हें ‘देवदूत’ की संज्ञा दी।
पुलिस की चेतावनी: सावधानी ही बचाव
इस घटना के बाद मुनिकीरेती पुलिस सतर्क हो गई है। इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान ने पर्यटकों से पुनः अपील की है कि वे गंगा के किनारों पर पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा:
”पर्यटक अक्सर उत्साह में आकर गहरे पानी में चले जाते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। कृपया घाटों पर सुरक्षा संकेतों का पालन करें और अनजाने या गहरे पानी में जाने से बचें।”
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से गंगा तटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

