ऋषिकेश: अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश का दौरा किया। इस दौरान आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ ‘स्वास्थ्य साधना’ के महत्व पर जोर दिया।
अंगदान करने वाले परिवारों का सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने अंगदान करने वाले पुण्य आत्माओं के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस दौरान:
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3 डिसीज्ड ऑर्गन डोनर (मरणोपरांत अंगदान करने वाले) के परिवारों को सम्मानित किया।
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12 लाइव ऑर्गन डोनरों के परिजनों का उत्साहवर्धन किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, “अंगदान मानवता का सबसे बड़ा और श्रेष्ठ दान है। यह न केवल एक जीवन बचाता है, बल्कि समाज में सेवा और त्याग की नई परिभाषा लिखता है।”
स्वास्थ्य कर्मियों का बढ़ाया उत्साह

राज्यपाल ने संस्थान के नर्सिंग स्टाफ, नर्सिंग ऑफिसर्स और डॉक्टरों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश एम्स आज चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ सेवा भाव की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
एम्स ऋषिकेश की बड़ी उपलब्धियां
संस्थान की चिकित्सा सफलताओं का विवरण साझा करते हुए बताया गया कि एम्स ऋषिकेश ने अब तक:
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34 सफल किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं।
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01 सफल लिवर ट्रांसप्लांट की सर्जरी पूर्ण की है।
अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने और मरीजों की सेवा में तत्पर रहने के लिए राज्यपाल ने एम्स की पूरी टीम को बधाई दी। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती साख और मानवीय मूल्यों के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

