




ऋषिकेश: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से अंकिता भंडारी की पुण्यतिथि के अवसर पर गंगा भोगपुर में एक श्रद्धांजलि सभा और धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच में हो रही देरी को लेकर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। धरने में शामिल प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने पीड़िता के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और प्रदेश सरकार पर मामले में लीपापोती करने का सीधा आरोप लगाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुख्य बिंदु:
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गणेश गोदियाल (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष): “सरकार शुरू से ही इस संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच कराने से बचती आ रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस पूरे प्रकरण में किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।”
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प्रीतम सिंह (अध्यक्ष, चुनाव अभियान समिति): “जब तक अंकिता के परिवार को पूर्ण न्याय और दोषियों को सख्त से सख्त सजा नहीं मिल जाती, तब तक कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी।”
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डॉ. हरक सिंह रावत (अध्यक्ष, चुनाव प्रबंधन समिति): “प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के दावों की हवा निकल चुकी है। इस मामले की बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
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ज्योति रौतेला (प्रदेश अध्यक्ष, महिला कांग्रेस): “जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, महिला कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करती रहेगी। राज्य में बेटियों की सुरक्षा खतरे में है और अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।” उन्होंने मामले से जुड़े ‘वीआईपी’ का नाम सार्वजनिक करने की मांग फिर दोहराई।
प्रदेश महासचिव जयेंद्र रमोला के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना अब केवल एक मामला नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के स्वाभिमान की लड़ाई बन चुका है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि न्याय की यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।

