ऋषिकेश/मुनि की रेती। ऋषिकेश के मुनि की रेती क्षेत्र में बिजली विभाग की एक कथित बड़ी लापरवाही एक परिवार पर कहर बनकर टूटी है। क्षेत्र में झूलते बिजली के तारों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय निवासियों ने मोर्चरी के बाहर शव रखकर बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मुनि की रेती थाना क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार खुले और नीचे लटके हुए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संबंध में विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी अनदेखी के कारण एक व्यक्ति इन तारों की चपेट में आ गया और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों की मांग: ‘मुआवजा और मुकदमा नहीं तो पोस्टमार्टम नहीं’
घटना के बाद से ही मृतक के परिजनों में भारी रोष है। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल की मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- लापरवाह बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
- मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
- क्षेत्र में मौत का जाल बने झूलते तारों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
पुलिस और प्रशासन की स्थिति
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोर्चरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं और स्थिति को शांत करने में जुटे हैं। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और किसी जिम्मेदार अधिकारी के मौके पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
इस हृदयविदारक घटना के बाद से मुनि की रेती क्षेत्र में दुख और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग जाग जाता, तो आज एक घर का चिराग न बुझता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।

