ऋषिकेश। दिल्ली-NCR में गर्मी का पारा चढ़ते ही मैदानी इलाकों के लोगों ने पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है। लेकिन योगनगरी ऋषिकेश पहुँच रहे पर्यटकों के लिए यह सफर फिलहाल किसी ‘अग्नि परीक्षा’ से कम साबित नहीं हो रहा है। वीकेंड की शुरुआत होते ही शनिवार को शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का ऐसा भारी दबाव दिखा कि गाड़ियाँ रेंगती नज़र आईं।
वीकेंड पर बेपटरी हुई व्यवस्था
शनिवार सुबह से ही दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव से राफ्टिंग और कैंपिंग के लिए पर्यटकों का सैलाब ऋषिकेश उमड़ पड़ा। आलम यह है कि शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य सड़कें पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी हैं। जो दूरी तय करने में सामान्यतः चंद मिनट लगते थे, अब वहां पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।
ग्राउंड ज़ीरो से सामने आईं दो बड़ी चुनौतियां
अभी चारधाम यात्रा का औपचारिक आगाज़ भी नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले ही टूरिस्ट सीजन ने ऋषिकेश की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय पड़ताल में जाम के पीछे दो मुख्य कारण उभर कर आए हैं:
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- अतिक्रमण का जाल: शहर की मुख्य सड़कों के दोनों ओर बढ़ते अतिक्रमण ने रास्तों को बेहद संकरा कर दिया है।
- पार्किंग का अभाव: शहर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण पर्यटक अपने वाहन सड़कों के किनारे ही पार्क करने को मजबूर हैं। इससे ‘बॉटलनेक’ की स्थिति बन रही है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो रहा है।
चेतावनी: यदि आप भी इस वीकेंड या आने वाले दिनों में ऋषिकेश आने का प्लान बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट्स ज़रूर देख लें। राफ्टिंग और ठंडी वादियों का आनंद लेने की आपकी योजना जाम के झाम में फंसकर खराब हो सकती है।
स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने अभी से सख्त कदम नहीं उठाए और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया, तो चारधाम यात्रा शुरू होते ही स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो जाएगी। फिलहाल ऋषिकेश की सड़कों पर दिख रहा यह नज़ारा प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

