ऋषिकेश: आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बैसाखी पर्व और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर संस्कार, समर्पण और स्वास्थ्य के त्रिवेणी संदेश से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
समारोह का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, विद्यालय व्यवस्थापक प्रो. गौरव वार्ष्णेय और वाइस प्रिंसिपल डॉ. नागेन्द्र पोखरियाल ने मां सरस्वती एवं बाबा साहेब अंबेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। परंपरा का निर्वहन करते हुए विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथि को बैज लगाकर और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
आयुर्वेद और स्वास्थ्य पर चर्चा
मुख्य अतिथि डॉ. श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आधुनिक जीवनशैली में आयुर्वेद की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को निरोग और ऊर्जावान रहने के लिए बहुपयोगी स्वास्थ्य टिप्स दिए और भारतीय चिकित्सा पद्धति को अपनाने पर जोर दिया।
सांस्कृतिक और वैचारिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपने संबोधन में:
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बैसाखी: इसके कृषि एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
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डॉ. अंबेडकर: उनके सामाजिक न्याय और मानवतावादी आदर्शों पर अपने विचार साझा किए।
महापुरुषों से प्रेरणा लेने का आह्वान
वाइस प्रिंसिपल डॉ. नागेन्द्र पोखरियाल ने अपने संबोधन में बैसाखी को एकता और परंपरा का प्रतीक बताया। वहीं, विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के भीतर महान व्यक्तित्वों के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें जीवन में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

