देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता भंग करने की कोशिश करने वालों पर प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और उत्तर प्रदेश STF ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा में धांधली करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
परीक्षा केंद्र पर छापेमारी से मचा हड़कंप
शनिवार को एसटीएफ की टीमों ने देहरादून स्थित ‘महादेव डिजिटल जोन‘ परीक्षा केंद्र पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई उस समय हुई जब केंद्र के भीतर एसएससी की परीक्षा संचालित की जा रही थी। एसटीएफ को खुफिया जानकारी मिली थी कि इस केंद्र से हाई-टेक उपकरणों के जरिए पेपर सॉल्व करवाया जा रहा है और अभ्यर्थियों से पास कराने के नाम पर लाखों की डील की गई है।
लाखों की ठगी और हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम कर रहा था।
सौदा: गिरोह के सदस्य भोले-भाले अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपये तक वसूल रहे थे।
तरीका: गिरोह रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और माइक्रो-डिवाइस जैसे हाई-टेक उपकरणों का उपयोग कर परीक्षा सिस्टम को हैक करने या बाहर से पेपर हल करवाने की फिराक में था।
नेटवर्क: गिरफ्तार आरोपियों के तार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई अन्य शहरों से जुड़े होने की आशंका है।
पुलिस की गिरफ्त में दो आरोपी
एसटीएफ ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। उनके पास से कई संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने छात्रों से पैसे एंठे हैं और क्या परीक्षा केंद्र का प्रबंधन भी इस धांधली में शामिल था।
”भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसटीएफ लगातार ऐसे तत्वों पर नजर रख रही है जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।” — एसटीएफ अधिकारी
अगली कार्रवाई:
पुलिस अब महादेव डिजिटल जोन के सर्वर और कंप्यूटर सिस्टम की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि सिस्टम में कितनी बार सेंध लगाई गई है।
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