Uttarakhand: पेपर लीक के दाग से दबी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को आखिरकार नई तारीख मिल गई है। लंबे इंतजार और विरोध प्रदर्शनों के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ऐलान किया है कि अब यह परीक्षा 17 मई को आयोजित की जाएगी। बीते साल 21 सितंबर 2025 को आयोजित हुई इस परीक्षा में पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी समेत कई पदों के लिए अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन एक परीक्षा केंद्र पर नकल का मामला सामने आने के बाद आयोग को पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इस फैसले ने प्रदेश भर के युवाओं में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया था और सड़कों पर उतरकर छात्रों ने पारदर्शिता की मांग उठाई थी।
अब आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया को दोबारा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने की तैयारी की गई है, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल किया जा सके। इसी के साथ तकनीकी अर्हताओं वाले 18 अलग-अलग पदों की भर्ती परीक्षा भी तीन मई को कराई जाएगी, जिसमें 5872 उम्मीदवार शामिल होंगे। खास बात यह है कि इन तकनीकी पदों की परीक्षा इस बार टैब के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिससे नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
पेपर लीक प्रकरण ने जिस तरह प्रदेश की भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए थे, उसे देखते हुए सरकार भी सतर्क नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचकर मामले की गंभीरता को समझा था और इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की सिफारिश की थी। ऐसे में अब दोबारा तय हुई परीक्षा तिथियों के साथ न सिर्फ अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी हैं, बल्कि पूरी व्यवस्था की साख भी दांव पर है।

