ऋषिकेश | [04 April 2026]
उत्तराखंड में प्राथमिक स्तर से शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से लागू करने और व्यायाम शिक्षकों (B.P.Ed/M.P.Ed डिग्री धारकों) की भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन अब तेज हो गया है। केदारनाथ गद्दी स्थल, ओंकारेश्वर मंदिर (ऊखीमठ) से शुरू हुई पैदल यात्रा अपने अगले पड़ाव के तहत तीर्थ नगरी ऋषिकेश पहुंच चुकी है।
लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे प्रशिक्षित बेरोजगारों का यह जत्था अब देहरादून की ओर कूच करने की तैयारी में है, जहाँ वे मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता कर अपनी मांगों को रखेंगे।
मुख्य मांगें और आंदोलन का उद्देश्य
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार की अनदेखी के कारण हजारों प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक बेरोजगार बैठे हैं। मुख्य मांगें:
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प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति: नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक स्तर से ही शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाए।
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रिक्त पदों पर भर्ती: प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े व्यायाम शिक्षकों के पदों को तत्काल भरा जाए।
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नीतिगत सुधार: 2006 से लंबित नियुक्तियों की प्रक्रिया को बहाल कर प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार का अवसर दिया जाए।
ओंकारेश्वर से देहरादून तक का संकल्प
यह पदयात्रा केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल से शुरू हुई, जो इस बात का प्रतीक है कि युवा अब अपनी जायज मांगों के लिए ‘धार्मिक और नैतिक’ शक्ति के साथ मैदान में उतरे हैं। ऋषिकेश पहुंचने पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इन युवाओं का समर्थन किया।
आंदोलनकारी नेता का कथन: > “हम वर्षों से केवल आश्वासन सुन रहे हैं। अब हम रुकने वाले नहीं हैं। ऋषिकेश से हमारा अगला पड़ाव देहरादून है, जहाँ हम मुख्यमंत्री से मिलकर यह पूछेंगे कि फिट इंडिया का नारा देने वाली सरकार शारीरिक शिक्षकों को दरबदर क्यों छोड़ रही है?”
आगे की रणनीति
आंदोलनकारियों की योजना के अनुसार, ऋषिकेश में विश्राम और रणनीति तैयार करने के बाद यह पदयात्रा देहरादून में प्रवेश करेगी। वहां मुख्यमंत्री आवास का घेराव या सचिवालय कूच कर सीधी वार्ता का दबाव बनाया जाएगा। युवाओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पर ठोस निर्णय नहीं होता, उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

