ऋषिकेश। ऋषिकेश कोतवाली में शनिवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब भाजपा से जुड़े दो गुटों के विवाद में समझौता कराने पहुंचे पार्टी के वर्तमान और पूर्व मंडल अध्यक्ष ने कोतवाल पर थप्पड़ मारने और हाथापाई करने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
युवकों के विवाद से शुरू हुआ मामला जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भाजपा से जुड़े दो युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसने देखते ही देखते मारपीट का रूप ले लिया। मामले की शिकायत सबसे पहले श्यामपुर चौकी में की गई थी। हालांकि, वहां दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को ऋषिकेश कोतवाली बुलाया गया।
परिचय देने के बाद भी थप्पड़ मारने का आरोप कोतवाली में जब दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत चल रही थी, तभी अचानक किसी बात को लेकर माहौल गरमा गया। आरोप है कि इस दौरान कोतवाल ने वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों और नेताओं के साथ बदसलूकी और मारपीट शुरू कर दी।
भाजपा नरेंद्र नगर मंडल अध्यक्ष साकेत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कोतवाल को अपना परिचय भी दिया और बताया कि वह नरेंद्र नगर पालिका के सभासद हैं, लेकिन इसके बावजूद कोतवाल ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। वहीं, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद नेगी (जिनकी पत्नी मुनि की रेती नगर पालिका की सभासद हैं) ने भी कोतवाल पर हाथापाई और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तैयारी
कोतवाली के भीतर सत्ताधारी दल के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ हुई इस कथित बदसलूकी की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। कोतवाली में हंगामे के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित भाजपा नेताओं का कहना है कि वे इस पूरी घटना की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों से करने की तैयारी कर रहे हैं और आरोपी कोतवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

