




ऋषिकेश || गुजरात की हीरा नगरी सूरत आगामी 18 मई से एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। शहर के वेसु स्थित सुवर्णवेला ग्राउंड (महावीर कॉलेज के पास) में 108 कुण्डीय जनकल्याण शिव-शक्ति महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह भव्य अनुष्ठान जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न होगा।
कलश यात्रा से होगा भव्य शुभारंभ
ऋषिकेश के मणिकूट पर्वत पर स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हरिओम महाराज ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि 18 मई को कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ एक विशाल कलश यात्रा के साथ होगा। यह यात्रा वेसु स्थित श्याम मंदिर से शुरू होकर आयोजन स्थल तक पहुंचेगी, जिसमें सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगी।
यज्ञ और महाआरती का विशेष आकर्षण
आचार्य शुभम और कुरुक्षेत्र के श्री श्री 108 सतपाल महाराज ने बताया कि इस 10-दिवसीय उत्सव में भक्ति के कई रंग देखने को मिलेंगे:
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यज्ञ का समय: प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक 108 यज्ञ कुण्डों में आहुतियां दी जाएंगी।
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यजमान: इस महायज्ञ में 108 जोड़े मुख्य यजमान के रूप में बैठेंगे।
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गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती: प्रतिदिन शाम 6 बजे बनारस और हरिद्वार की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन होगा। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा दीपकों के साथ की जाने वाली यह आरती इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगी।
जन-कल्याण और पर्यावरण शुद्धि का संकल्प
यज्ञ सम्राट हरिओम महाराज के अनुसार, इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति, समृद्धि और जन-कल्याण की भावना को जागृत करना है। साथ ही, वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों के माध्यम से पर्यावरण की शुद्धि का संकल्प भी लिया गया है।
“यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और लोक-कल्याण के लिए समर्पित एक आध्यात्मिक प्रयास है।” – हरिओम महाराज
आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विशेष व्यवस्थापक समिति का गठन किया गया है। आयोजकों ने सूरत के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक उत्सव और संतों के सानिध्य का लाभ उठाएं।

