ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला पुल के बंद होने के बाद से बजरंग सेतु के औपचारिक उद्घाटन का इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। आज उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने तपोवन और स्वर्गाश्रम को जोड़ने वाले इस नवनिर्मित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव के इस दौरे को पुल के आगामी भव्य लोकार्पण की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
कांच के पाथ की सुरक्षा पर रहा विशेष फोकस
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने तपोवन की ओर से निरीक्षण की शुरुआत की और स्वर्गाश्रम क्षेत्र तक जाकर सेतु पर की गई तमाम व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। हाल के दिनों में पुल पर बने ‘कांच के पाथ’ (Glass Pathway) के टूटने की मिल रही शिकायतों का मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस संबंध में फीडबैक लिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
अनिवार्य हो सकता है शू-कवर (Shoe Cover) पहनना
निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प और महत्वपूर्ण व्यवस्था देखने को मिली। कांच के पाथ की सुरक्षा को देखते हुए मुख्य सचिव सहित तमाम आला अधिकारी पैरों में शू-कवर पहनकर उस पर चले। अधिकारियों का मानना है कि जूतों पर कवर पहनने से कांच पर स्क्रैच (खरोंच) नहीं आएंगे, जिससे कांच की उम्र और मजबूती दोनों सुरक्षित रहेगी। प्रशासन भविष्य में इस ग्लास पाथवे पर चलने वाले आम लोगों और पर्यटकों के लिए भी शू-कवर पहनना अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है।
अंतिम चरण में है बारीक काम
निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने मीडिया को बताया कि वर्तमान में सेतु की डिजाइनिंग और सुरक्षा मानकों से जुड़े कुछ बेहद बारीक काम किए जाने बाकी हैं। इन तकनीकी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पुल पर आवाजाही के दौरान किसी भी प्रकार के खतरे की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये काम पूरे होते ही बजरंग सेतु का विधिवत और औपचारिक लोकार्पण कर दिया जाएगा।
अनौपचारिक आवाजाही है जारी: बता दें कि वर्तमान में इस पुल पर अनौपचारिक रूप से लोगों का आना-जाना शुरू हो चुका है, लेकिन जनता को इसके आधिकारिक उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार है। मुख्य सचिव के इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान क्षेत्र के तमाम प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

