ऋषिकेश। कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई ताबड़तोड़ मुठभेड़ में हत्या के प्रयास के मामले में वांछित 15-15 हजार रुपये के दो इनामी बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों घायल बदमाशों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से अवैध हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
इस बड़ी कामयाबी का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस टीम नटराज चौक क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान ढालवाला की तरफ से आ रही एक बिना नंबर की काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध सवार दिखाई दिए, जिन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे बैरियर को टक्कर मारते हुए हरिद्वार बाईपास की तरफ भाग निकले।
जंगल में घेराबंदी, बदमाशों ने की फायरिंग
पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी और बदमाशों का पीछा किया। खांड गांव के पास रेलवे लाइन के समीप जंगल में पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाशों की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधे फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की एक गोली पुलिस वाहन के साइड मिरर पर भी लगी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे वहीं गिर पड़े।
बिहार से दिल्ली और फिर ऋषिकेश तक जुड़ा नेटवर्क
पकड़े गए बदमाशों की पहचान आमिर (निवासी पक्की सराय, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार) और अनवर (निवासी सीतामढ़ी, बिहार; हाल निवासी नबी करीम, दिल्ली) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
बिहार से दिल्ली और फिर ऋषिकेश तक जुड़ा नेटवर्क
पकड़े गए बदमाशों की पहचान आमिर (निवासी पक्की सराय, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार) और अनवर (निवासी सीतामढ़ी, बिहार; हाल निवासी नबी करीम, दिल्ली) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
अभियुक्त अनवर ने कुबूल किया कि वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। कुछ समय पहले उन्होंने बिहार के सीतामढ़ी के महुआगाछी क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति से ₹3.50 लाख की सनसनीखेज लूट की थी और विरोध करने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिहार पुलिस की गिरफ्तारी से बचने और लूट की रकम का बंटवारा करने के लिए वे बीती 3 जून को ढालवाला आए थे, क्योंकि उनके एक साथी वसीम की ससुराल वहां थी। हालांकि, वसीम के ससुर के घर पर न मिलने के कारण वे इसी इलाके में छिप रहे थे।
भुट्टोवाला गोलीकांड में भी थे शामिल
पूछताछ में सामने आया कि बीती 4 जून को ऋषिकेश के भुट्टोवाला क्षेत्र में सड़क किनारे शराब पीने को लेकर इन बदमाशों का स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। उस दौरान इन्होंने पिस्टल और तमंचे से फायरिंग कर दी थी, जिसमें दो स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के वक्त पुलिस ने इनके साथी वसीम को मौके से ही दबोच लिया था, जबकि ये दोनों फरार होकर जंगलों में छिप रहे थे। रविवार देर रात ये ऋषिकेश से भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में धरे गए। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

