ऋषिकेश। सप्ताहांत (वीकेंड) के मौके पर धर्मनगरी ऋषिकेश में लाखों पर्यटकों की आमद के बीच प्रशासनिक बदइंतजामी का एक बड़ा मामला सामने आया है। 14 बीघा स्थित चंद्रभागा पुल पर यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए दो जिलों (देहरादून और टिहरी) की पुलिस के बीच आपसी तालमेल पूरी तरह से नदारद दिखा। इसके चलते स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा।
पुलिस बूथ पर लटका रहा ताला, नदारद रहे कर्मी
शनिवार की रात करीब साढ़े सात बजे ऋषिकेश और मुनि की रेती क्षेत्र को जोड़ने वाले चंद्रभागा पुल पर पुलिस की तैनाती कहीं नजर नहीं आई। हद तो तब हो गई जब पुल के पास बने पुलिस बूथ पर भी ताला लटका पाया गया। पुलिस की इस गैर-मौजूदगी के कारण वाहन चालक खुद ही जाम से जूझते रहे और कई जगहों पर चालकों के बीच आपस में तीखी बहस और झड़प भी देखने को मिली।
सूत्रों का दावा: देहरादून में राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम के कारण भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को वीआईपी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। माना जा रहा है कि इसी वजह से ऋषिकेश के इस बेहद व्यस्त रूट से पुलिस बल गायब रहा।
आवारा सांड के घुसने से मची अफरा-तफरी
एक तरफ जहां लोग भीषण जाम से परेशान थे, वहीं नगर निगम प्रशासन की लापरवाही भी लोगों की जान पर भारी पड़ती दिखी। जाम के बीच अचानक एक आवारा सांड घुस आया, जिससे वहां मौजूद लोगों और पर्यटकों में अपनी जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई।
अतिक्रमण और नो-पार्किंग ने बढ़ाई मुसीबत
यह जाम सिर्फ रात की कहानी नहीं था, बल्कि दिनभर चंद्रभागा पुल पर यही नजारा बना रहा। जाम लगने की एक बड़ी वजह पुल पर अवैध रूप से खड़े वाहन (नो-पार्किंग) और फल-सब्जी के लिए लगाई गई अवैध ठेलियां भी रहीं, जिन पर स्थानीय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जागरूक नागरिक की सूचना पर पहुंची पुलिस
कई घंटों तक जाम में फंसे रहने और स्थिति बेकाबू होने के बाद, एक जागरूक नागरिक ने स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू करवाया। वीकेंड पर व्यवस्थाओं के इस तरह चरमराने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है।

