ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में रविवार को उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब वहां आतंकवादियों के घुसने की सूचना मिली। हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति साफ हो गई और प्रशासन ने राहत की सांस ली। दरअसल, यह कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित की गई एक उच्च स्तरीय मॉक ड्रिल (Mock Drill) थी।
त्वरित कार्रवाई और घेराबंदी
पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) ऋषिकेश के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास के लिए एक काल्पनिक स्थिति (Scenario) तैयार की गई थी कि ट्रांजिट कैंप में आतंकी घुस आए हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली ऋषिकेश की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की। भारी पुलिस बल ने तुरंत पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया और कैंप में मौजूद आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसके बाद आतंकियों की धरपकड़ के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए गए।
विभागों का दिखा उत्कृष्ट तालमेल
इस उच्च स्तरीय मॉक ड्रिल में विभिन्न सुरक्षा इकाइयों और प्रशासनिक विभागों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटना और अलग-अलग विभागों के बीच आपसी समन्वय (Coordination) को जांचना था। अभ्यास के दौरान सभी टीमों ने बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) दी और राहत एवं बचाव कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
“इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, रिस्पांस टाइम को कम से कम करना और किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।” — पुलिस क्षेत्राधिकारी, ऋषिकेश
उच्चाधिकारियों ने की सराहना
सुरक्षा मानकों के अनुरूप सभी विभागों का प्रदर्शन इस मॉक ड्रिल के दौरान बेहद सराहनीय रहा। उच्चाधिकारियों ने सभी टीमों की सतर्कता, मुस्तैदी और तत्परता की खुलकर प्रशंसा की। साथ ही, भविष्य में भी किसी भी अप्रिय घटना या चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को इसी तरह हमेशा अलर्ट (24×7 चौकन्ना) रहने के निर्देश दिए गए हैं।

