




ऋषिकेश तीर्थनगरी ऋषिकेश में आवारा सांडों और लावारिस पशुओं के बढ़ते आतंक और लगातार हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आवारा पशुओं से नगरवासियों को राहत दिलाने के लिए जन-आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला।
ढोल-नगाड़े बजाकर नगर निगम का घेराव
समाजसेवी सुधीर रॉय के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने ‘आवारा पशुओं से ऋषिकेश बचाओ’ अभियान के तहत नगर निगम का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने ढोल-नगाड़े बजाकर कुंभकर्णी नींद में सोए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कई गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़कों पर बेखौफ घूम रहे आवारा पशुओं के कारण आम जनता और बच्चों की जान पर हर समय खतरा मंडराता रहता है। ढोल बजाकर प्रदर्शन करने का मुख्य मकसद सोए हुए प्रशासन को जगाना है, ताकि वह इस गंभीर समस्या की ओर तुरंत ध्यान दे।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी सुधीर रॉय, जयेंद्र रमोला और अन्य नागरिकों ने सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
प्रशासन का पक्ष: रायवाला में बनेगा कांजी हाउस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने कहा कि नगर निगम आवारा पशुओं की समस्या को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि:
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1 हेक्टेयर भूमि चिन्हित: आवारा पशुओं को रखने के लिए रायवाला में 1 हेक्टेयर भूमि पर कांजी हाउस बनाने की प्रक्रिया गतिमान है।
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अंतिम चरण में बजट: कांजी हाउस के निर्माण के लिए बजट से जुड़ी फाइल फिलहाल शासन स्तर पर अंतिम प्रक्रिया में है।
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जल्द शुरू होगा निर्माण: शासन से बजट की स्वीकृति मिलते ही कांजी हाउस का निर्माण कार्य तेजी से शुरू करवा दिया जाएगा, जिससे शहरवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।

