




बड़कोट। वन विभाग की भूमि पर कथित कब्जे और निर्माण की कोशिशों को लेकर वन विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। वन भूमि को कब्जाने की कोशिश कर रहे भू-माफिया के खिलाफ बड़कोट रेंज के रेंजर गणेश उनियाल एक्शन में आ गए हैं। विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद काम जारी रखने की शिकायत सामने आने पर वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार
वन विभाग की जमीन पर कथित रूप से कब्जे की नीयत से भूमि की डाइमेंशन और अन्य गतिविधियां किए जाने की सूचना विभाग को मिली थी। मामला संज्ञान में आते ही बड़कोट रेंज की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित लोगों को विभागीय नियमों के तहत नोटिस जारी किया। इसके बावजूद यदि मौके पर काम जारी रखा गया तो वन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
रेंजर गणेश उनियाल का कहना है कि वन विभाग की भूमि को किसी भी कीमत पर अतिक्रमण की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की जमीन जनता और पर्यावरण की महत्वपूर्ण संपत्ति है तथा इसकी सुरक्षा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वन विभाग की इस सख्ती के बाद कथित भू-माफिया में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। विभाग अब यह भी सुनिश्चित करने में जुटा है कि नोटिस जारी होने के बाद मौके पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण अथवा भूमि संबंधी गतिविधि आगे न बढ़े। जरूरत पड़ने पर विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
रेंजर गणेश उनियाल ने दो टूक कहा कि “वन विभाग की भूमि भू-माफिया के साथ एक इंच भी नहीं जाने दूंगा।” उनके इस बयान से साफ है कि वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में विभाग अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण से जहां पर्यावरण और वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, वहीं इससे सरकारी संपत्ति पर भी अवैध कब्जे का खतरा बढ़ता है। ऐसे में बड़कोट रेंज की कार्रवाई को वन भूमि की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विभाग की आगे की कार्रवाई में कथित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

