ऋषिकेश: ऋषिकेश के मुनि की रेती क्षेत्र स्थित स्वामी नारायण आश्रम घाट पर गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चेन्नई से परिवार संग दर्शन करने आए 74 वर्षीय बुजुर्ग गणपति श्रीनिवासन का अचानक पैर फिसलने से वह गंगा के तेज उफान में बहने लगे। हालांकि, घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों और जल पुलिस के जवानों की तत्परता एवं साहस के चलते बुजुर्ग को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अचानक बिगड़ा संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चेन्नई निवासी गणपति श्रीनिवासन अपने परिवार के साथ दर्शन और स्नान के लिए स्वामी नारायण आश्रम घाट पहुँचे थे। शाम के समय अचानक पैर फिसलने के कारण वह अनियंत्रित होकर गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए। उन्हें बहता देख घाट पर चीख-पुकार मच गई।
जान पर खेलकर लगाई छलांग
बुजुर्ग को नदी की तेज लहरों के बीच जिंदगी और मौत से जूझता देख वहाँ मौजूद स्थानीय निवासियों और जल पुलिस के जवानों ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत गंगा में छलांग लगा दी। नदी का बहाव बेहद तेज था, लेकिन जवानों और स्थानीय युवाओं ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को सकुशल तट पर खींच निकाला।
SDRF ने तुरंत संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम चंद मिनटों में मौके पर पहुँच गई। SDRF इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि सूचना मिलते ही जवान फौरन स्ट्रेचर लेकर घाट पर पहुँचे। उन्होंने बुजुर्ग को प्राथमिक देखभाल के साथ एंबुलेंस तक पहुँचाया, जहाँ से उन्हें तुरंत इलाज के लिए निकटतम अस्पताल भेजा गया।
परिजनों के छलके आँसू, देवदूत बने जवानों का किया धन्यवाद
बुजुर्ग को सही-सलामत अपनी आँखों के सामने पाकर उनके परिजनों की आँखों से आँसू छलक पड़े। संकट की इस घड़ी में देवदूत बनकर आए जल पुलिस के जवानों, SDRF की टीम और साहसी स्थानीय लोगों का परिजनों ने भावुक होकर बिलख-बिलख कर आभार व्यक्त किया।

