ऋषिकेश: ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित लालपानी कूड़ा निस्तारण प्लांट के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने और नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त की शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने 7 नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
कोतवाली ऋषिकेश के वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी ने बताया कि बीते 3 अक्टूबर को लालपानी प्लांट स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र के मुख्य द्वार पर स्थानीय निवासियों ने तालाबंदी कर दी थी। इसके कारण नगर निगम के कूड़ा वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से ठप हो गया था।
मामले की जानकारी मिलते ही सफाई निरीक्षकों और निगम अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने गाड़ियों को अंदर जाने से रोक दिया। कूड़े का उठान और निस्तारण बाधित होने से पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी और स्वच्छता पर बड़ा संकट मंडराने लगा।
सहायक नगर आयुक्त की तहरीर पर मुकदमा
शहर की सफाई व्यवस्था पर गहराते संकट को देखते हुए नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकान्त भट्ट ने कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन लोगों पर दर्ज हुआ केस:
पुलिस के अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें शामिल हैं:
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लालमणि रतूड़ी
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पुरुषोत्तम बडोनी
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लाल सिंह बोरा
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राजेन्द्र गुनसोला
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विनोद प्रसाद सेमवाल
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रंजीत
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रमदान (इसके अलावा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।)
पुलिस की अग्रिम कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी विवेचना उपनिरीक्षक सुमित चौधरी को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

