ऋषिकेश:
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश की खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ के रिक्त पदों की समस्या को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात कर 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में जल्द से जल्द सुधार करने की मांग की। संगठन ने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।


युवा कांग्रेस के ऋषिकेश विधानसभा अध्यक्ष रवि थापा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल में आए दिन मरीजों को होने वाली दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ऋषिकेश का यह राजकीय अस्पताल आसपास के तमाम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए संजीवनी के समान है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज अस्पताल खुद बदहाली के दौर से गुजर रहा है।
अस्पताल में मरीजों को झेलनी पड़ रही हैं ये प्रमुख समस्याएं:
- स्टाफ की कमी: विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के रिक्त पड़े पदों के कारण मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है।
- ICU व इमरजेंसी सेवाओं की बदहाली: आईसीयू (ICU) में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध नहीं हैं और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं।
- लंबी लाइनें और दवाइयों का संकट: ओपीडी (OPD) तथा बिलिंग काउंटरों पर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और अस्पताल में दवाइयों की भारी किल्लत है।
- जांच में देरी: पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत स्वास्थ्य जांचों के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष रवि थापा ने स्पष्ट किया कि यदि अस्पताल प्रशासन ने 15 दिनों की दी गई समय सीमा के भीतर इन 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो युवा कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से विशाल आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

