ऋषिकेश: ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित नगर निगम के कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है। इस पूरे मामले पर अपनी बात रखते हुए महापौर शंभू पासवान ने नगर निगम का रुख स्पष्ट किया है।

महापौर ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के सहयोग से लालबीट क्षेत्र में वन भूमि पर कुल 125 बीघा जमीन कचरा निस्तारण प्लांट के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने अफवाहों और आशंकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरी 125 बीघा जमीन में से केवल 12 से 13 बीघा क्षेत्र का उपयोग प्लांट और 10 हजार मीटर के शेड के लिए किया जा रहा है।
22 लाख रुपये से विकसित होगी सघन ‘ग्रीन बेल्ट’ महापौर के अनुसार, आवंटन की शेष बची लगभग 112 बीघा भूमि पर एक सघन जंगल यानी ‘ग्रीन बेल्ट’ विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्लांट से फैलने वाली दुर्गंध और प्रदूषण को रोकना है, ताकि आसपास के रहवासियों को कोई समस्या न हो। इस पौधारोपण और जंगल के विकास कार्य के लिए नगर निगम द्वारा वन विभाग को 22 लाख रुपये की राशि पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी है।
बैठक बेनतीजा, जारी हैं बातचीत के प्रयास विवाद को सुलझाने और गतिरोध समाप्त करने के लिए हाल ही में स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच एक अहम बैठक बुलाई गई थी। लगभग 2 से 3 घंटे चली इस लंबी वार्ता के बाद भी फिलहाल किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी।
एक तरफ जहां स्थानीय ग्रामीणों को अंदेशा है कि प्लांट चालू होने से पूरे क्षेत्र में बदबू फैलेगी और कूड़े के अंबार से जनजीवन प्रभावित होगा, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम लगातार लोगों के बीच पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करने और उनकी आशंकाओं को दूर करने का प्रयास कर रहा है।

