ऋषिकेश: शहर के गौरा देवी चौक स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में निरीक्षण करने पहुंचे श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बदसलूकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। हालांकि, व्यापारी द्वारा अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बाद मामला शांत हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आनंद अपनी टीम के साथ मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम 1961 के तहत महादेव टूर एंड ट्रेवल्स पर नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान श्रम अधिकारी ने प्रतिष्ठान के प्रबंधक से पंजीकरण, कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर और वेतन भुगतान से जुड़े साक्ष्य मांगे।
इसी दौरान ट्रांसपोर्ट व्यवसायी संजय सकलानी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि विभागीय पहचान पत्र (ID) दिखाने के बावजूद व्यापारी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी आनंद के साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी कार्य में रुकावट डाली। इस घटना के बाद श्रम अधिकारी शिकायत दर्ज कराने ऋषिकेश कोतवाली पहुंचे।
विवाद कोतवाली तक पहुंचने पर व्यापारी संजय सकलानी को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने अपनी ढलती उम्र और आवेश में आकर हुई चूक की बात स्वीकार करते हुए श्रम अधिकारी से लिखित/मौखिक रूप से खेद व्यक्त किया और क्षमा मांगी। व्यापारी के पहली बार गलती स्वीकारने और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग ने पुलिस कार्रवाई को आगे न बढ़ाते हुए राहत प्रदान की।
तीन अधिनियमों के तहत कटा चालान
भले ही पुलिस शिकायत वापस ले ली गई हो, लेकिन विभागीय नियमों के तहत श्रम विभाग ने प्रतिष्ठान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। श्रम अधिकारी ने बताया कि महादेव टूर एंड ट्रेवल्स के खिलाफ:
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मोटर कर्मकार अधिनियम
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न्यूनतम वेतन अधिनियम
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वेतन भुगतान अधिनियम
के अंतर्गत तीन अलग-अलग चालान काटे गए हैं।
श्रम अधिकारी आनंद ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

