ऋषिकेश।
तीर्थनगरी ऋषिकेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आबकारी विभाग ऋषिकेश और जनपदीय प्रवर्तन टीम देहरादून ने एक संयुक्त अभियान चलाकर चंद्रेश्वर नगर में छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार भी किया है।
मुखबिर की सूचना पर दी दबिश
जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध शराब छिपाकर रखे जाने की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट और आबकारी निरीक्षक जयबीर सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने मुखबिर के बताए पते पर चंद्रेश्वर नगर स्थित एक घर में अचानक दबिश दी। तलाशी के दौरान घर के भीतर से 20 पेटी अवैध शराब बरामद हुई।
चंद्रेश्वर नगर के दो निवासी गिरफ्तार
बरामद शराब के साथ मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान सौरभ पासवान और अमित के रूप में हुई है। दोनों आरोपी चंद्रेश्वर नगर के ही निवासी हैं।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा:
आबकारी टीम की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बाहर के राज्यों/क्षेत्रों से सस्ते दामों पर शराब लाकर ऋषिकेश शहर में अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचते थे।
आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
आबकारी विभाग ने बरामद शराब को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। विभाग ने इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के लिए अग्रिम जांच और कार्रवाई तेज कर दी है।
”तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा, सूचना देने वालों का नाम रहेगा गुप्त”
प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट ने शराब तस्करों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि तीर्थनगरी की पवित्रता और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या तस्करी हो रही हो, तो तुरंत इसकी सूचना आबकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

