हरिद्वार (उत्तराखंड):
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी स्कूल की शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती पर पाकिस्तान से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (टेरर फंडिंग/हवाला नेटवर्क) में शामिल होने का गंभीर आरोप है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष टीम ने स्थानीय इनपुट के आधार पर पिरान कलियर क्षेत्र में छापेमारी कर युवती को हिरासत में लिया और अपने साथ ले गई।
एमए की छात्रा से संदिग्ध नेटवर्क का हिस्सा बनने का सफर
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार की गई युवती पिरान कलियर की रहने वाली है। वह एमए (मास्टर ऑफ आर्ट्स) की पढ़ाई कर रही थी और साथ ही एक निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी। हालांकि, इस अवैध और संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आने के बाद उसने अपनी पढ़ाई-लिखाई बीच में ही छोड़ दी और पूरी तरह से इस गैरकानूनी धंधे में शामिल हो गई।
प्रति ट्रांजेक्शन मिलता था 500 रुपये कमीशन
सूत्रों के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय संदिग्ध लेन-देन के खेल में युवती को हर एक ट्रांजेक्शन (लेन-देन) को अंजाम देने के बदले 500 रुपये का कमीशन मिलता था। इसी लालच में आकर उसने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल पाकिस्तान से आने वाले करोड़ों रुपये को आगे रूट करने के लिए किया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की रडार पर थी आरोपी
सुरक्षा एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को पिछले कुछ समय से देश विरोधी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े कुछ बैंक खातों की जांच के दौरान इस युवती के लिंक मिले थे। जब कड़ियों को जोड़ा गया, तो लोकेशन उत्तराखंड के रुड़की (पिरान कलियर) की निकली। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और युवती के माध्यम से भेजे गए करोड़ों रुपये का इस्तेमाल कहां किया जाना था।
फिलहाल, पुलिस और खुफिया एजेंसियां युवती के बैंक खातों की सघन जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कुल कितने करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है और इस रकम का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जाना था। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या क्षेत्र में उसके साथ कुछ अन्य लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।

