ऋषिकेश में 17 अप्रैल की रात रेलवे पटरी पर हुई वीरेंद्र बेलवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
श्यामपुर क्षेत्र में बीते 17 अप्रैल की रात रेलवे पटरी पर हुई एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सीओ ऋषिकेश नीरज सेमवाल ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह मामला हत्या का नहीं, बल्कि आत्महत्या का है।
क्या था मामला?
17 अप्रैल की रात करीब 10:05 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया है। मृतक की पहचान वीरेंद्र बेलवाल के रूप में हुई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू की।
जांच में सामने आए अहम साक्ष्य
सीओ ऋषिकेश ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं, जो आत्महत्या की पुष्टि करते हैं:
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस को घटना स्थल के पास की सीसीटीवी फुटेज मिली है। फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि वीरेंद्र स्वयं रेलवे पटरी पर जाकर लेट गए थे।
- लोको पायलट का बयान: ट्रेन के ड्राइवर (लोको पायलट) की रिपोर्ट के अनुसार, वीरेंद्र अचानक पटरी पर आए। ड्राइवर ने उन्हें सचेत करने के लिए कई बार हॉर्न भी बजाया, लेकिन वे वहां से नहीं हटे।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच में शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी बल के प्रयोग या संदिग्ध गतिविधि के निशान नहीं मिले हैं।
परिजनों के आरोप खारिज
पुलिस ने परिजनों द्वारा जताई गई हत्या की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया है। सीओ नीरज सेमवाल ने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और चश्मदीद (लोको पायलट) के बयानों के आधार पर यह पूरी तरह से आत्महत्या का मामला है। पुलिस ने इसी आधार पर मामले की जांच फाइल को आगे बढ़ाया है।

