ऋषिकेश: नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शहर की व्यवस्था और आय से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें कार पार्किंग स्थलों पर ठेली-रेहड़ी लगवाकर अवैध वसूली का मामला सबसे ज्यादा गूंजता रहा। बैठक में बताया गया कि पार्किंग की जगहों पर वाहनों के बजाय ठेलियां खड़ी कराई जा रही हैं और उनसे रोजाना भारी रकम वसूली जा रही है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए ठेलियों की संख्या नियंत्रित करने, पुलिस सत्यापन के बाद ही अनुमति देने और वसूली की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि ठेलियों की गिनती कर उसी आधार पर शुल्क निर्धारित किया जाएगा और ठेका प्रथा खत्म कर अब यह शुल्क सीधे प्रशासन द्वारा वसूला जाएगा।
बैठक में शहर में बढ़ती आवारा पशुओं और गलियों में घूम रहे कुत्तों की समस्या भी प्रमुख मुद्दा बनी रही। नसबंदी अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और पालतू कुत्तों के पंजीकरण के साथ प्रतिबंधित नस्लों पर रोक लगाने के लिए नए नियम बनाने पर सहमति बनी। निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में भेजने और इस पर हुए खर्च की जांच की मांग भी उठी। पार्कों के उपयोग शुल्क तय करने और पार्किंग के पास स्थित दुकानों की नीलामी जैसे फैसलों पर भी सहमति बनी।
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नगर पालिका ने 36.50 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित आय का खाका पेश किया, जिसमें विकास कार्यों पर 33.36 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई और कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कुल मिलाकर बैठक में शहर की व्यवस्था सुधारने, आय बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

