ऋषिकेश में लगातार पैर पसार रहा अतिक्रमण अब आम जनता और देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए बड़ा नासूर बनता जा रहा है। मुख्य बाजारों के बाद अब ऋषिकेश रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर भी अतिक्रमण और नो-पार्किंग की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि यह अव्यवस्था कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
यात्रियों के लिए पैदल चलना भी दूभर, आए दिन हो रही हाथापाई
स्थानीय लोगों और यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार, जब भी स्टेशन पर कोई ट्रेन पहुंचती है, तो बाहर निकलते ही यात्रियों को भारी अव्यवस्था से दो-चार होना पड़ता है। अत्यधिक अतिक्रमण के कारण स्टेशन के बाहर पैदल चलने तक का रास्ता नहीं बचता है।
भीड़भाड़ और संकरे हो चुके रास्तों के कारण कई बार यात्रियों का सामान दुकानदारों या अवैध रूप से खड़े वाहनों से टकरा जाता है। सामान टकराने जैसी छोटी-छोटी बातें देखते ही देखते बड़े विवाद का रूप ले लेती हैं। स्टेशन परिसर के बाहर आए दिन ‘तू-तू, मैं-मैं’ और हाथापाई जैसी अप्रिय घटनाएं आम हो चुकी हैं, जिससे वैश्विक पटल पर तीर्थनगरी की छवि भी धूमिल हो रही है।
वीआईपी दौरे पर ‘रातों-रात’ साफ हुआ था अतिक्रमण, अधिकारियों के संरक्षण का आरोप
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा मामला रेलवे प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में है। कुछ दिनों पहले जब रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष का ऋषिकेश स्टेशन पर औचक निरीक्षण होना था, तो संबंधित अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र एक दिन पहले ही पूरे अतिक्रमण को रातों-रात साफ करवा दिया था।
दौरे के बाद फिर जस की तस हुई स्थिति जैसे ही अध्यक्ष का दौरा संपन्न हुआ और वे वापस लौटे, वैसे ही अतिक्रमणकारी फिर से अपनी जगह पर काबिज हो गए। इस वाकये से स्थानीय लोग साफ अंदाजा लगा रहे हैं कि इस अवैध खेल को अंदरखाने प्रशासनिक संरक्षण दिया जा रहा है।
कागजी कार्रवाई के बीच पिस रही है जनता
अतिक्रमण और नो-पार्किंग की इस गंभीर समस्या को स्थाई रूप से हटाने के लिए न तो रेलवे प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है और न ही स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। अधिकारियों की कागजी कार्रवाई और केवल दिखावे के लिए किए जाने वाले निरीक्षणों के बीच सिर्फ आम जनता और श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि समय रहते इस पर कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया गया, तो स्टेशन के बाहर की यह अव्यवस्था किसी दिन बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

