




हरिद्वार: आगामी कुंभ मेले और स्नान पर्वों को देखते हुए हरिद्वार शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने का फैसला किया है। शहर में सड़कों, गलियों और चौराहों पर लटकते अव्यवस्थित बिजली, टीवी केबल और इंटरनेट के तारों के जाल (केबल क्लटर) को हटाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जिला कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विद्युत विभाग (यूपीसीएल), नगर निगम, टीवी केबल और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों को मिलकर 15 दिनों के भीतर लटकते और अव्यवस्थित तारों को व्यवस्थित करने का अल्टीमेटम दिया है।
बैठक के मुख्य बिंदु और दिए गए निर्देश:
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15 दिनों में तारों का समतलीकरण: सभी संबंधित विभाग और निजी सेवा प्रदाता कंपनियां संयुक्त रूप से अभियान चलाकर झूलते तारों को सुरक्षित और व्यवस्थित करेंगी।
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पुराने व अवैध तार हटेंगे: जिन क्षेत्रों में भूमिगत (अंडरग्राउंड) बिजली लाइनें बिछ चुकी हैं, वहां से पुराने व अनुपयोगी तारों को पूरी तरह हटाया जाएगा।
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बंचिंग और सफाई: उपयोग में आ रहे तारों की समुचित ‘बंचिंग’ की जाएगी ताकि हादसों का खतरा समाप्त हो और शहर देखने में व्यवस्थित लगे।
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2 से 3 महीने का दीर्घकालिक लक्ष्य: पहले चरण के 15 दिवसीय अभियान के बाद, अगले 2 से 3 महीनों में पूरे नगरीय क्षेत्र को केबल क्लटर से मुक्त कर शहर को एक नया और बेहतर स्वरूप दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लटकते और अव्यवस्थित तार न केवल हादसों और दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं, बल्कि धार्मिक नगरी हरिद्वार की सुंदरता और स्वच्छता पर भी धब्बा लगाते हैं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने और रोजाना इसकी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद: बैठक में एसपी ट्रैफिक निशा यादव, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी सहित नगर निगम और विभिन्न केबल व इंटरनेट कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

