ऋषिकेश: कर्णप्रयाग में हाल ही में निहंग सिखों और स्थानीय निवासियों के बीच हुए विवाद का असर अब ऋषिकेश में भी देखने को मिल रहा है। इस घटना के बाद उपजे तनाव को देखते हुए आज ऋषिकेश में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। पंजाब से सिख समाज के एक जत्थे के ऋषिकेश पहुंचने की खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की धड़कनें बढ़ गईं।
अधिकारियों ने गुरुद्वारे में डाला डेरा
सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने सुबह से लेकर शाम तक हरिद्वार रोड स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में डेरा डाले रखा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद अधिकारियों ने संभाल रखी थी। इस दौरान अधिकारियों ने ‘श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट’ के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा से मुलाकात की और जारी हेमकुंड साहिब यात्रा से संबंधित आवश्यक जानकारियां जुटाईं।
चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी। गुरुद्वारा परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस की टीमें हर संदिग्ध गतिविधि और आने-जाने वालों पर पैनी नजर रख रही थीं।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?
मामले की संवेदनशीलता पर जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) तुषार बोरा ने बताया:
“पुलिस को सूचना मिली थी कि सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल महानिदेशक (डीजी) से मुलाकात करने जा रहा है। इसी सिलसिले में उनके ऋषिकेश पहुंचने की भी प्रबल संभावना थी, जिसे देखते हुए हमारी टीम पहले से ही सतर्क और मुस्तैद थी।”
सीओ बोरा ने आगे स्पष्ट किया कि इस प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य मुलाकात के लिए देहरादून रवाना हो गए हैं, जबकि कुछ लोग केवल मत्था टेकने के उद्देश्य से श्री हेमकुंड गुरुद्वारा पहुंचे थे। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार मुस्तैद है।

