ऋषिकेश: आज देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड की तीर्थनगरी ऋषिकेश भी पूरी तरह शिवमय हो चुकी है। सुबह तड़के से ही नीलकंठ महादेव से लेकर वीरभद्र मंदिर तक भक्तों का भारी हुजूम अपने आराध्य का जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़ा है।
प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों के प्रसिद्ध शिवालयों में पैर रखने की जगह नहीं है। विशेष रूप से इन मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है:
नीलकंठ महादेव: पौड़ी गढ़वाल स्थित इस प्राचीन मंदिर में हजारों श्रद्धालु लाइन में लगे हैं।
वीरभद्र महादेव: यहाँ जलाभिषेक के साथ-साथ भव्य मेले का भी आयोजन किया गया है।
सोमेश्वर और चंदेश्वर महादेव: स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों से मंदिर परिसर पटे हुए हैं।
30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
प्रशासन और मंदिर समितियों के अनुसार, आज के दिन क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में करीब 30 लाख से अधिक शिव भक्तों द्वारा जलाभिषेक किए जाने का अनुमान है। घंटों लंबी कतारों में लगने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। श्रद्धालु शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और रोली अर्पित कर अपनी सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रबंधन का कथन: “भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग और कतार प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि हर श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सके।”
पूरा इलाका “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गुंजायमान है। मान्यता है कि आज के पावन दिन निष्काम भाव से चढ़ाया गया एक लोटा जल भी भक्तों के सभी कष्टों को दूर कर देता है।

