हरिद्वार: योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध ने दुनिया को फिर से अनिश्चितता और संकट में डाल दिया है। ऐसे समय में हमारे धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को भारत की विदेश नीति और कूटनीति की आलोचना करने से बचना चाहिए।
बाबा रामदेव ने चिंता जताई
बाबा रामदेव ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में नेताओं को संयम रखना चाहिए और ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे भारत दुनिया के सामने शर्मिंदा हो। पतंजलि योग पीठ में अपने अनुयायियों के साथ होली खेलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दुनिया इस समय बहुत गंभीर दौर से गुजर रही है। पहले रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध था और अब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध ने संकट और बढ़ा दिया है।
नेताओं को संयम बरतने की सलाह
रामदेव ने कहा कि इस समय नेताओं को संयम रखना चाहिए और भारत की विदेश नीति पर आलोचना करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे बीच वैचारिक, धार्मिक और जातीय मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ये व्यक्तिगत झगड़े नहीं बनने चाहिए।” उन्होंने जोर दिया कि ऐसा कुछ भी न करें जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परेशानी हो और देश को नुकसान पहुंचे।
मध्य एशिया में फंसे भारतीयों की चिंता
रामदेव ने बताया कि ईरान और पश्चिम एशिया में फंसे भारतीय लाखों करोड़ रुपये कमाते हैं और देश की आर्थिक समृद्धि में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा, रोजगार और भविष्य के लिए चिंतित है। ऐसे में राजनीति से दूर रहना चाहिए।
युद्ध रोकने के लिए एकजुट होना जरूरी
रामदेव ने चेताया कि अगर परमाणु हथियार जैसे बड़े हादसे होते हैं, तो उसका प्रभाव बहुत भयंकर होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेता मिलकर युद्ध रोकने का रास्ता निकालें और मानवता को बचाने की कोशिश करें।

