विशेष संवाददाता, ऋषिकेश
20 मई, 2026:
विश्व प्रसिद्ध उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के सफल संचालन के बीच अब सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है। आज ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला रोड स्थित श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को पूरे धार्मिक उत्साह और उमंग के साथ रवाना किया गया।
पंच प्यारों की अगुवाई में रवाना हुआ पहला जत्था
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को पंच प्यारों की अगुवाई में दिल्ली के उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा मार्ग पर रवाना किया। इस दौरान पूरा गुरुद्वारा परिसर “जो बोले सो निहाल, सत् श्री अकाल” के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। यात्रा की रवानगी से ठीक पहले पंजाब बैंड ने अपनी सुमधुर धुनों से ऐसा समां बांधा कि वहां मौजूद हर कोई उसकी ओर आकर्षित होता दिखाई दिया।
दरबार साहिब में टेका माथा, सुगम यात्रा की प्रार्थना की
इससे पहले, सुबह से ही गुरुद्वारे में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की संगतों ने दरबार साहिब में पूरी आस्था के साथ माथा टेका और अपनी इस पावन यात्रा के सुगम, सुरक्षित और सुखद रूप से संपन्न होने की अरदास की।
23 मई को खुलेंगे कपाट: नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा
दरबार साहिब में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ का पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार रहता है। उन्होंने जानकारी दी कि:
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आगामी 23 मई को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ श्री हेमकुंड साहिब धाम के कपाट खोले जाएंगे।
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यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह रुकने और खाने-पीने (लंगर) की उचित व्यवस्थाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
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इस पूरी व्यवस्था और यात्रा को सुगम बनाने में उत्तराखंड सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी को दी गई श्रद्धांजलि
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जहां एक ओर यात्रा की खुशी थी, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के निधन पर गहरा दुख भी व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों और प्रबंधन ने शोक व्यक्त कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
गणमान्य नागरिकों का हुआ सम्मान
यात्रा शुभारंभ के इस पावन मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू सहित समाज और राजनीति के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने और गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उपराज्यपाल और अन्य अतिथियों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
वर्तमान में श्रद्धालुओं का यह जत्था चाक-चौबंद पुलिस सुरक्षा के बीच अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन दोनों ही यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

