देहरादून शहर को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शहर की तीन बड़ी परियोजनाओं पर तेज़ी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं को Mussoorie Dehradun Development Authority (एमडीडीए) युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रहा है।
ये तीन प्रमुख परियोजनाएं हैं:
-इंदिरा मार्केट पुनर्विकास
-आढ़त बाजार विकास
-तहसील परिसर मल्टी लेवल कार पार्किंग
इन परियोजनाओं से देहरादून की यातायात व्यवस्था, व्यापार और आम लोगों की सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।
अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को इन तीनों परियोजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने काम की प्रगति देखी और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि काम समय पर पूरा किया जाए। निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देहरादून को एक नया और आधुनिक शहर बनाने की दिशा तय की जा रही है।
इंदिरा मार्केट पुनर्विकास परियोजना क्यों जरूरी है?
-इंदिरा मार्केट को पूरी तरह आधुनिक बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है।
-दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
-दुकानदारों को जल्द नई दुकानें दी जाएंगी।
तीन मंजिला बड़ा बेसमेंट बनाया जा रहा है।
-करीब 1050 कारों की पार्किंग सुविधा होगी।
बेसमेंट पूरा होने के बाद दुकानों का निर्माण शुरू होगा।
इससे शहर के बीचोंबीच स्थित संकरे और भीड़भाड़ वाले बाजार को नया रूप मिलेगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
आढ़त बाजार परियोजना शहर के बीचोंबीच ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए बनाई गई है।
-नया आढ़त बाजार हरिद्वार बाइपास कारगी में बनेगा।
-यह 7.7 हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जा रहा है।
सड़क को 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा (अभी 16-18 मीटर है)।
-लगभग 650 वाहनों की मल्टी लेवल पार्किंग बनेगी।
-इसमें गोदाम, ऑफिस, पार्क, पानी और बिजली की पूरी व्यवस्था होगी।
-इससे व्यापार व्यवस्थित होगा और सड़क जाम की समस्या कम होगी।
-तहसील परिसर मल्टी लेवल कार पार्किंग परियोजना
-पलटन बाजार और तहसील चौक क्षेत्र में पार्किंग की बड़ी समस्या है। इसे देखते हुए यह परियोजना शुरू की जा रही है।
-आधुनिक तहसील भवन बनाया जाएगा।
-लगभग 1000 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी लेवल पार्किंग बनेगी।
-इसके लिए दरबार साहिब से जमीन को लेकर बातचीत चल रही है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बातचीत जल्दी पूरी कर काम शुरू किया जाए। इस परियोजना से शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में जाम से राहत मिलेगी।
नियमित निगरानी के निर्देश
आवास सचिव ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी और किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या को तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में जनहित सबसे पहले रखा जाएगा। निरीक्षण के दौरान एमडीडीए के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

