




ऋषिकेश: तीर्थ नगरी ऋषिकेश में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा ‘सम्मान सेतु’ अभियान के तहत एक विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन किया गया। सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा और दर्शन के लिए पहुंच रही महिला श्रद्धालुओं तथा स्थानीय महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राहटकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम स्थल पर अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज से भव्य स्वागत और नागरिक अभिनंदन किया गया।
कानूनी जागरूकता और निःशुल्क परामर्श की व्यवस्था
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राहटकर ने कहा कि सावन मास में बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंच रहे हैं, जिनमें महिला श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी है। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह शिविर स्थापित किया गया है।
शिविर में महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, पोक्सो (POCSO) एक्ट और महिला सशक्तिकरण की प्रमुख सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। जागरूकता फैलाने के लिए पुस्तकें, साहित्य और ऑडियो-वीडियो माध्यमों का प्रदर्शन किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सहयोग से वकीलों और विधिक विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की गई है, जो महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता और व्यक्तिगत परामर्श प्रदान कर रही है।
AIIMS ऋषिकेश के सहयोग से 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं
कांवड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं और स्थानीय महिलाओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए आयोग ने एम्स (AIIMS) ऋषिकेश के साथ महत्वपूर्ण करार किया है। इस टाइअप के तहत शिविर में महिला डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम 24 घंटे चिकित्सा सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेगी, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।


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