




ऋषिकेश: सावन की शिवरात्रि से ठीक पहले तीर्थनगरी ऋषिकेश और नीलकंठ महादेव मंदिर में शिवभक्त कांवड़ियों का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। नीलकंठ में जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केवल आज ही अब तक 5 लाख से अधिक कांवड़िये जलाभिषेक कर चुके हैं, जबकि पूरे सावन माह में यह आंकड़ा 30 लाख के पार पहुँच चुका है।
श्रद्धालुओं की इस भारी तादाद को देखते हुए पूरा नीलकंठ क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “जय भोले” के जयकारों से गुंजायमान है। वहीं, लगातार बढ़ते जनसैलाब के चलते प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम
कांवड़ मेले की संवेदनशीलता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन व्यापक स्तर पर निगरानी रख रहा है। पूरे क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से भी पैनी नजर रखी जा रही है। नीलकंठ स्थित सभी वाहन पार्किंग पूरी तरह से पैक हो चुकी हैं, जिससे यातायात और भीड़ नियंत्रण की चुनौती दोगुनी हो गई है।
व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती और ऋषिकेश पुलिस आपसी समन्वय के साथ धरातल पर जुटी हुई है।
उच्च अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
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एसएसपी पौड़ी, सर्वेश पंवार ने बताया कि नीलकंठ क्षेत्र में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह है और सभी कांवड़ियों को व्यवस्थित व सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक कराया जा रहा है।
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एसएसपी टिहरी, श्वेता चौबे खुद मेला क्षेत्र में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं और पुलिस बल का मार्गदर्शन कर रही हैं।
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एसपी ऋषिकेश, जया बलूनी ने बताया कि अचानक श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने से शहर के प्रमुख मार्गों और सड़कों पर यातायात का भार काफी बढ़ गया है। पुलिस टीमें शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और जलाभिषेक के बाद कांवड़ियों को उनके गंतव्य की ओर सुरक्षित रवाना करने में लगातार जुटी हुई हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि इतनी प्रचंड भीड़ के बावजूद हर श्रद्धालु सुलभ और सुरक्षित रूप से नीलकंठ महादेव के दर्शन व जलाभिषेक कर सके।

