




ऋषिकेश: उत्तराखंड में विपक्ष की आवाज दबाने और सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन के समक्ष एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार का पुतला दहन किया और देश में लोकतांत्रिक अधिकारों एवं राजनीतिक स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग की।
प्रदर्शन की अगुआई कर रहे जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल और महानगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने आरोप लगाया कि बीते 8 अगस्त को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में आयोजित जनसभा में शामिल होने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस-प्रशासन द्वारा जगह-जगह रोककर प्रताड़ित किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह घटना केवल एक कार्यक्रम से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह भाजपा की उस सोच और मंशा को दर्शाती है जिसके तहत विपक्ष को कुचलने के लिए सरकारी मशीनरी का अनैतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
गंगाजल से मंच धोने पर जताया कड़ा ऐतराज प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दलित समुदाय से आने के कारण, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गंगाजल से मंच की सफाई कराई गई। कांग्रेस ने इसे भाजपा की ‘दलित विरोधी’ मानसिकता का प्रत्यक्ष उदाहरण करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान, लोकतंत्र और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव एडवोकेट राकेश सिंह और महंत विनय सारस्वत ने कहा कि देश की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक दबाव या भय दिखाकर नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी गतिविधियां संचालित करने का समान अधिकार है।

