




ऋषिकेश: बीटीसी परिसर में बीते दिन नगर निगम द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के विरोध में खोखा यूनियन से जुड़े दर्जनों लघु व्यापारी सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित व्यापारियों ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और निगम प्रशासन का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने नगर निगम पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई के नाम पर लगातार उनका शोषण किया जा रहा है, जिसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों ने रोष जताते हुए कहा कि निगम की इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। बीते दिन जब नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, तो उन्होंने व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
घेराव और बढ़ते हंगामे को देखते हुए नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला स्वयं व्यापारियों से मिलने बाहर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया और स्पष्ट हिदायत दी कि शहर में अतिक्रमण किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। वार्ता के दौरान व्यापारियों और नगर आयुक्त के बीच तीखी बहस और सवाल-जवाब भी देखने को मिले, जहां व्यापारियों ने उत्पीड़न रोकने की मांग दोहराई।
अस्थाई व्यवस्था पर बनी सहमति काफी देर चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच एक सहमति बनी। तय हुआ कि लघु व्यापारी अपने खोखों के आगे किसी भी प्रकार का पक्का या स्थायी अतिक्रमण नहीं करेंगे। हालांकि, राहत के तौर पर जिन स्थानों पर खाली जगह उपलब्ध है, वहां व्यापारी बारिश और धूप से बचाव के लिए केवल अस्थाई तिरपाल लगा सकेंगे। इसके अलावा, फुटपाथों को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त रखा जाएगा ताकि आम जनता की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
मामले पर नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से सख्त दिशा-निर्देश हैं कि फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। इसी क्रम में यह कार्रवाई की जा रही है, लेकिन नियमों के दायरे में रहकर व्यापारियों को अस्थाई उपयोग की राहत दी गई है।

