ऋषिकेश में ‘मोक्ष आनंद आश्रम मां सोसाइटी’ और उससे जुड़े शिक्षण संस्थानों में करोड़ों रुपये के गबन और वित्तीय धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। संस्था के संस्थापक अमित जैन की शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश में मामला दर्ज कर लिया गया है। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बुधवार को पुलिस टीम ने संस्था के कार्यालय पहुंचकर विभिन्न दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दफ्तर से कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर (DVR) और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
2013 से 2020 के बीच हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2002 में अमित जैन सहित सात लोगों ने मिलकर ‘मोक्ष आनंद आश्रम मां सोसाइटी’ नाम से एक चैरिटेबल और एजुकेशनल संस्था का गठन किया था। इसके तहत वर्ष 2005 में ‘शीतल कॉलेज ऑफ बायोमेडिकल साइंस’ की शुरुआत की गई। बाद में संस्था के अंतर्गत ‘शीतल वैदिक संस्थान’ और ‘धर्मा वैदिक संस्थान’ भी शुरू किए गए।
संस्थापक अमित जैन का आरोप है कि वर्ष 2013 से 2020 के दौरान संस्था के वित्तीय खातों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। कोविड महामारी के दौरान जब उन्होंने एक स्वतंत्र अकाउंटेंट से कॉलेज के खातों और एक्सेल शीट की जांच करवाई, तो इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि छात्रों से जमा कराई जाने वाली फीस का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा संस्था के मुख्य खातों और प्रबंधन समिति से छिपाकर हड़प लिया गया।
आरोपी फरार, पुलिस दे रही दबिश
इस पूरे गबन कांड में सचिन जैन और उसकी सहयोगी महिला अकाउंटेंट की मिलीभगत की बात सामने आई है। घटना के बाद से मुख्य आरोपी सचिन जैन फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
मामले की जानकारी देते हुए एसएसआई नवीन जोशी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने मौके पर जाकर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कब्जे में लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच पूरी कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

