




देहरादून। उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए देहरादून स्थित उनके आवास पर लाया गया है, जहां सुबह से ही उनके समर्थकों, परिजनों और आम जनता का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। हर कोई अपने इस चहेते और ईमानदार नेता की एक झलक पाने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए व्याकुल नजर आ रहा है।
आवास पर लगा श्रद्धांजलि देने वालों का तांता
पूर्व मुख्यमंत्री के निधन की खबर मिलते ही उनके आवास पर गमगीन माहौल है। परिवार के सदस्य और करीबी गहरे सदमे में हैं। खंडूरी जी को उत्तराखंड की राजनीति का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था, यही वजह है कि उनके अंतिम दर्शन के लिए राज्य के कोने- कोने से समर्थकों और स्थानीय लोगों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
कैबिनेट मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
खंडूरी जी के निधन पर सरकार के तमाम मंत्रियों और राजनेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने खंडूरी जी के योगदान को याद करते हुए इसे राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।
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कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भी आवास पहुंचकर दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि उत्तराखंड ने आज अपना एक सच्चा मार्गदर्शक और वरिष्ठ नेता खो दिया है।
उत्तराखंड की राजनीति में एक युग का अंत
बी.सी. खंडूरी के निधन से उत्तराखंड की सियासत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। अपनी साफ-सुथरी छवि, कड़े फैसलों और सेना से लेकर राजनीति तक देश की अथक सेवा करने वाले खंडूरी जी को हमेशा एक ‘अनुशासित और विकास पुरुष’ के रूप में याद किया जाएगा। उनके जाने से पूरे प्रदेश की जनता सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कर रही है।

