




ऋषिकेश: बढ़ती महंगाई के बीच सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर गुजारा करने वाले लोगों के लिए ऋषिकेश में आवाज उठाई गई है। स्थानीय पार्षदों और नागरिकों ने मिलकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र (ज्ञापन) भेजा है। इस पत्र में सभी प्रकार की सरकारी पेंशन की राशि को बढ़ाकर कम से कम 3,000 रुपये महीना करने की जोरदार मांग की गई है।
उप जिलाधिकारी के जरिए भेजा संदेश
- संयुक्त नेतृत्व: यह कदम पार्षद अभिनव सिंह मलिक और पार्षद सरोजनी थपलियाल की अगुवाई में उठाया गया।
- प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात: स्थानीय लोगों और पार्षदों के एक दल ने ऋषिकेश के उप जिलाधिकारी (SDM) से मुलाकात की।
- मुख्यमंत्री को ज्ञापन: उप जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का पत्र सौंपा गया।
इन पेंशनधारकों के लिए उठाई आवाज
प्रतिनिधिमंडल ने समाज के उन सभी कमजोर और सम्मानित वर्गों के हक की बात की जो सरकारी मदद पर निर्भर हैं:
प्रतिनिधिमंडल ने समाज के उन सभी कमजोर और सम्मानित वर्गों के हक की बात की जो सरकारी मदद पर निर्भर हैं:
- बुजुर्ग लोग (वृद्धावस्था पेंशन)
- अकेली महिलाएं (विधवा पेंशन)
- दिव्यांगजन (विकलांग पेंशन)
- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी
महंगाई बनी सबसे बड़ी वजह
ज्ञापन में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि आजकल की बढ़ती महंगाई ने गरीब और बेसहारा लोगों की कमर तोड़ दी है।
- खर्चों में भारी बढ़ोतरी: राशन, रोजमर्रा का सामान, डॉक्टरों की फीस और दवाइयां लगातार महंगी हो रही हैं।
- वर्तमान पेंशन नाकाफी: आज के समय में मिलने वाली पेंशन की रकम इतनी कम है कि उससे बुजुर्गों और दिव्यांगों का गुजारा होना नामुमकिन हो गया है। उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पार्षदों और नागरिकों का कहना है कि सरकार को इंसानियत और जनहित (जनता की भलाई) को ध्यान में रखते हुए तुरंत कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस संकट को दूर करने के लिए पेंशन की राशि को जल्द से जल्द बढ़ाया जाए।

