




ऋषिकेश। आगामी श्रावण मास में शुरू होने वाले पवित्र कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी सिलसिले में गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ लक्ष्मणझूला से लेकर पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर तक के मेला मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण की शुरुआत करते हुए गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सबसे पहले नीलकंठ महादेव मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने एसडीएम चतर सिंह चौहान और इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी के साथ मेला क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों का रुख किया।
कमिश्नर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- यातायात और पार्किंग प्रबंधन: मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए कमिश्नर ने ट्रैफिक प्लान को पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाए ताकि क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा न हो।
- मूलभूत सुविधाएं: मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, निर्बाध बिजली व्यवस्था बनाए रखने और स्वच्छता व ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत रखने की बात कही।
- स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर: स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष जोर देते हुए कमिश्नर ने चिकित्सा सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए। मेला मार्ग पर पर्याप्त चिकित्सा दलों की तैनाती के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- सुरक्षा और आपदा प्रबंधन: भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कड़े सुरक्षा घेरे की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने को कहा गया है।
इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम चतर सिंह चौहान और इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी सहित प्रशासन और पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का दावा है कि कांवड़ मेले के शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

