




हरिद्वार: आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन हरकत में आ गया है। सोमवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने तकनीकी सेल के अधिकारियों के साथ कनखल, उत्तरी हरिद्वार और भूपतवाला क्षेत्र का दौरा कर निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा बिछाई जा रही पाइपलाइनों की गति और गुणवत्ता का जायजा लिया। अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी पेयजल योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि मेला अवधि में निर्बाध और पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा मानकों और प्रगति पर जोर
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जन-सुरक्षा के निर्देश: खुदाई वाले स्थानों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग करने और कार्य पूरा होने के तुरंत बाद सड़कों को समतल करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन के आवागमन में बाधा न आए।
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भूपतवाला योजनाओं की सराहना: भूपतवाला क्षेत्र में ‘पावन धाम’ (85% पूर्ण) तथा ‘प्राइमरी पाठशाला’ (95% पूर्ण) पंपिंग पेयजल योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अवशेष कार्यों को शीघ्र समाप्त करने को कहा गया।
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गुणवत्ता की निगरानी: अधिकारियों को हर स्तर पर निर्माण की गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग बनाए रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए।

इस दौरान उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चौहान, सहायक अभियंता राकेश बमराड़ा, मनोज डबराल और तकनीकी सेल के अभियंता अतुल शांडिल्य सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

