




देहरादून। उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की देहरादून सेक्टर टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आज एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। टीम ने शिक्षा विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी और एक निजी स्कूल की संचालिका को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरटीई बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश स्थित ‘गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल’ के शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में सूचना दी थी कि उनके स्कूल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत पढ़ने वाले छात्रों की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के बिलों के भुगतान को पास करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है।
इस कार्य की एवज में धनवीर सिंह बिष्ट (प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला) और पुष्पांजलि स्वामी (संचालिका, उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल) द्वारा पैसों का दबाव बनाया गया।
ट्रैप टीम ने रंगे हाथों दबोचा
शिकायत की पुष्टि होने के बाद, सतर्कता अधिष्ठान देहरादून ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की धनराशि ग्रहण की, विजिलेंस की ट्रैप टीम ने दबिश देकर दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के नाम:
- धनवीर सिंह बिष्ट: प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला।
- पुष्पांजलि स्वामी: संचालिका, उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है और मामले में गहन जांच शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस की अपील
सतर्कता अधिष्ठान ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें। विभाग ने ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ बनाने के संकल्प को दोहराते हुए नागरिकों से सहयोग मांगा है।

